शिक्षा, समाज और सच की आवाज : एक चिंतन
“जिन किताबों में हम गुम हुए,आज उन्हीं अक्षरों से हम तबाह हुए…सोचा था ज़माना बदल देंगे,पर हम खुद ही खुद
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Read More@ शेखर झा । भारत में एक दृश्य बहुत आम है—लंबी लाइनें। कभी राशन की, कभी अस्पताल की, कभी टिकट
Read Moreजयपुर, 23 फरवरी। आज भारत स्वयं को विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की बात कर रहा है। यह
Read Moreयदि हम ऐतिहासिक दृष्टि से नवीन भारत के निर्माण की ओर झांकें, तो वर्ष 1857 की वह छोटी-सी घटना स्मरण
Read More12 दिसंबर, जयपुर। आज के परिप्रेक्ष्य में जब महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए घर से बाहर काम
Read More12 दिसंबर, जयपुर। आज एक अत्यंत चिंताजनक दृश्य मेरे सामने आया। जब मैं रास्ते से गुज़र रही थी, तो मैंने
Read Moreप्रभात संवाद, 16 अक्टूबर 2025, जयपुर @शेखर झा । प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं,
Read Moreप्रभात संवाद, 25 अगस्त, जयपुर । भिवानी, हरियाणा में हुई मनीषा हत्याकांड ने यह सिद्ध कर दिया है कि कलयुग
Read Moreप्रभात संवाद, 17 मई, जयपुर @ मनोज वार्ष्णेय भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब सोमवार की देर शाम को राष्ट्र
Read Moreप्रभात संवाद, 9 मई, जयपुर । हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में जब पर्यटकों की उमड़ती भीड़ से परेशान हों और कश्मीर
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